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दलदली सड़क को क्या पता जा रहा है छिंदवाड़ा सांसद का काफिला!

मशक्कत के बाद प्रशासन ने निकलवाया विधायक का वाहन

भोपाल। प्रदेश में छिंदवाड़ा को भले ही विकास के रोल मॉडल के रूप में पेश किया जाता है, लेकिन बारिश के इस मौसम ने इसे झुठला दिया। खास बात यह है कि इससे दो-चार होने वाले कोई और नहीं कमलनाथ के पुत्र सांसद नकुलनाथ है। क्षेत्र की बदहाल सड़क व्यवस्था के कारण न केवल काफिला रोकना पड़ा बल्कि कीचड़ में फंसी साथ चल रहे सौसर विधायक की गाड़ी निकलने तक इंतजार भी करना पड़ा।
दरअसल दलदली सड़क को यह नही पता था कि सांसद का काफिला गुजर रहा है। आम आदमी को विकास के नाम पर चिढ़ाने की आदत अनुसार सांसद नकुलनाथ के लिये भी परेशानी खड़ी करने से नही बाज आई। क्यों कि ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष पुनाराम बाविस्टाले द्वारा दो सप्ताह पूर्व की गई मांग पर 30 साल पुरानी समस्या को दूर करने का प्रयास नही किया गया। वाक्या उस समय का है जब वह दिल्ली जाने के लिये छिंदवाड़ा से नागपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए थे।

बाढ़ के कारण गहरा नाला उफान में था, इसलिये सुरक्षित यात्रा के मद्देनजर नागपुर, छिंदवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग के बजाय वैकल्पिक मार्ग बिछुवा-खमारपानी सड़क का चयन किया गया था। बावजूद इसके सांसद का काफिला निर्धारित मार्ग को छोड़कर गोनी-देवी मार्ग से दौड़ने लगा। सांसद के काफिले में आगे चल रहा सौंसर विधायक विधायक विजय रेवनाथ चौरे का वाहन जैसे ही तालाब बनी सड़क पर आया तो दलदल में फंस गया।

इसे देख काफिले के अन्य वाहनों को पीछे रोक दिया गया। दूसरे वाहन को बांध कर विधायक का वाहन दलदल से बहार निकाला गया। इस दौरान सांसद के काफिलें को सुरक्षित रूप से दलदल बनी सड़क से निकाला गया। वाहन में राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त एससी आयोग के सदस्य गुरूचरण खरे भी सवार थे। यह जानकर यहां सब हैरान रह गए कि सडक के 100 मीटर के इस हिस्से में सड़क नहीं बनी है। हर वर्ष बारिश में यह तालाब की शक्ल ले लेती है। इसके बाद घंटो आवागमन बंद रहता है। इसके लिये सरकार की मुआवजा वितरण विसंगति को जिम्मेदार ठहराया गया है।

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