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ईरान के साथ व्यापारिक समझौते करने वाले किसी भी देश पर प्रतिबंधों का खतरा: अमेरिका

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ईरान के साथ व्यापारिक समझौते करने वाले किसी भी देश पर प्रतिबंधों का खतरा: अमेरिका

बाइडन ने चीन समर्थित क्रिप्टो कंपनी के भू स्वामित्व हासिल करने पर रोक लगाई

‘गेट्स फाउंडेशन’ का सह-अध्यक्ष पद छोड़ेगीं मेलिंडा फ्रेंच गेट्स

वाशिंगटन
अमेरिका ने कहा है कि ईरान के साथ व्यापारिक सौदे करने वाले किसी भी देश पर प्रतिबंध लगाए जाने का खतरा है। उसने यह भी कहा कि वह जानता है कि ईरान और भारत ने चाबहार बंदरगाह से जुड़े एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता वेदांत पटेल ने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “हम इन खबरों से अवगत हैं कि ईरान और भारत ने चाबहार बंदरगाह से संबंधित एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। मैं चाहूंगा कि भारत सरकार चाबहार बंदरगाह और ईरान के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों के संदर्भ में अपनी विदेश नीति के लक्ष्यों पर बात करे।”

सामरिक रूप से महत्वपूर्ण चाबहार बंदरगाह को लेकर ईरान के साथ भारत के समझौते के बारे में एक सवाल पर उन्होंने कहा, “मैं सिर्फ इतना कहना चाहूंगा कि चूंकि यह अमेरिका से संबंधित है, ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध लागू हैं और हम उन्हें बरकरार रखेंगे।”

पटेल ने कहा, “आपने हमें कई मामलों में यह कहते हुए सुना है कि कोई भी इकाई, कोई भी व्यक्ति जो ईरान के साथ व्यापारिक समझौते पर विचार कर रहा है, उन्हें संभावित जोखिम और प्रतिबंधों के बारे में पता होना चाहिए।”

 

बाइडन ने चीन समर्थित क्रिप्टो कंपनी के भू स्वामित्व हासिल करने पर रोक लगाई

वाशिंगटन,
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने व्योमिंग परमाणु मिसाइल बेस के निकट चीन समर्थित क्रिप्टोकरेंसी कंपनी को भूमि पर स्वामित्व हासिल करने से रोकने का आदेश जारी किया है।

इस आदेश के तहत कंपनी की ईकाई के तौर पर इस्तेमाल की जा रही फ्रांसिस ई. के निकट स्थित भूमि में किया गया निवेश वापस लेने के लिए कहा गया है।

आदेश में आंशिक रूप से चीनी सरकार के मालिकाना अधिकार वाली कंपनी ‘माइनवन पार्टनर्स लिमिटेड’ के स्वामित्व वाले कुछ उपकरणों को हटाने के लिए भी कहा गया है।

अमेरिका में विदेशी निवेश समिति के समन्वय के तहत विनिवेश आदेश जारी किया गया है। विदेशी निवेश समिति का काम राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के सिलसिले में कॉर्पोरेट सौदों की जांच करना होता है।

‘गेट्स फाउंडेशन’ का सह-अध्यक्ष पद छोड़ेगीं मेलिंडा फ्रेंच गेट्स

न्यूयॉर्क
 मेलिंडा फ्रेंच गेट्स ने बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सह-अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है। उन्होंने और उनके पूर्व पति बिल गेट्स ने इस गैर-लाभकारी संस्था की स्थापना की थी और उसे पिछले 20 वर्षों में दुनिया के सबसे बड़े परोपकारी संगठनों में से एक बनाया।

मेलिंडा फ्रेंच गेट्स ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘गहन चिंतन और विचार के बाद मैंने बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सह-अध्यक्ष के रूप में अपनी भूमिका से इस्तीफा देने का फैसला किया है, फाउंडेशन में मेरा आखिरी दिन सात जून होगा।’

उन्होंने लिखा, ‘यह निर्णय लेना मेरे लिए आसान नहीं था। मुझे उस नींव पर बेहद गर्व है जिसे बिल और मैंने मिलकर रखा और यह दुनिया भर में असमानताओं को दूर करने के लिए असाधारण काम कर रही है।’

मेलिंडा ने फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मार्क सुजमैन और इसके संचालक मंडल के सदस्यों की प्रशंसा की।

गेट्स दंपति ने मई 2021 में अलग होने की घोषणा की थी जिसके बाद फाउंडेशन के न्यासी मंडल का विस्तार किया गया था।

 

गाजा में संयुक्त राष्ट्र के भारतीय कर्मचारी की मौत

संयुक्त राष्ट्र
 गाजा के रफह शहर में हमले की चपेट में आने से संयुक्त राष्ट्र के लिए काम करने वाले एक भारतीय कर्मी की मौत हो गई। सात अक्टूबर को इजराइल-हमास संघर्ष शुरू होने के बाद संयुक्त राष्ट्र के किसी अंतरराष्ट्रीय कर्मी की मौत का यह पहला मामला बताया जा रहा है।

वह व्यक्ति संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा एवं संरक्षा विभाग (डीएसएस) का कर्मचारी था। मृतक की पहचान अभी जाहिर नहीं की गई है, वहीं सूत्रों ने ‘पीटीआई’ से पुष्टि की कि वह भारतीय था और भारतीय सेना का पूर्व जवान था।

संयुक्त राष्ट्र के वाहन में रफह स्थित यूरोपियन अस्पताल जाते समय हुई इस घटना में डीएसएस का एक अन्य कर्मचारी घायल हो गया।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा एवं सुरक्षा विभाग (डीएसएस) के एक कर्मचारी की मौत और एक अन्य डीएसएस कर्मचारी के घायल होने पर गहरा दुख जताया।

महासचिव के उप प्रवक्ता फरहान हक द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि गुतारेस ने संयुक्त राष्ट्र कर्मियों पर सभी हमलों की निंदा की और पूरी जांच का आह्वान किया। गुतारेस ने जान गंवाने वाले कर्मचारी के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

बयान में कहा गया है, “गाजा में न केवल नागरिकों पर बल्कि मानवीय सहायता कार्यकर्ताओं पर भी संघर्ष का भारी असर हो रहा है। महासचिव ने एक बार फिर तत्काल मानवीय युद्धविराम और सभी बंधकों की रिहाई की अपील की है।”

गुतारेस ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि गाजा में संयुक्त राष्ट्र के वाहन पर हमला किया गया, ‘हमारे एक सहयोगी की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया।’

उन्होंने कहा कि गाजा में संयुक्त राष्ट्र के 190 से ज्यादा कर्मचारियों की मौत हुई है।

 

यमन के हूतियों को हथियारों की आपूर्ति करना बंद करे ईरान: अमेरिका

संयुक्त राष्ट्र
अमेरिका ने ईरान से कहा है कि वह यमन के हूती विद्रोहियों को भारी मात्रा में हथियारों की आपूर्ति करना बंद करे क्योंकि इन हथियारों से लड़ाकों को लाल सागर और अन्य स्थानों पर जहाजों पर हमला करने में मदद मिलती है।

अमेरिका के उप राजदूत रॉबर्ट वुड ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को बताया कि यदि निकाय यमन में गृहयुद्ध समाप्त करने की दिशा में प्रगति चाहता है तो उसे सामूहिक प्रयास के तहत ‘‘ईरान को अस्थिरता पैदा करने की भूमिका से रोकना चाहिए और कहना चाहिए कि वह हूती विद्रोहियों को समर्थन देना बंद करे।’’

उन्होंने कहा कि इस बात के व्यापक साक्ष्य हैं कि ईरान संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए हूतियों को बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल सहित उन्नत हथियार मुहैया करा रहा है।

वुड ने कहा, ‘‘हथियार प्रतिबंध को लेकर किए जा रहे उल्लंघन के संबंध में परिषद की चिंता को रेखांकित करने के लिए हमें व्यवस्था को मजबूत करने तथा उल्लंघनकर्ताओं पर नकेल कसने के लिए और अधिक प्रयास करना चाहिए।’’

हूतियों का कहना है कि लाल सागर और अदन की खाड़ी में नौवहन पर उनके हमलों का उद्देश्य गाजा में युद्ध को समाप्त करने के लिए इजराइल पर दबाव बनाना है। गाजा में जारी युद्ध में 35,000 से अधिक फलस्तीनियों की जान जा चुकी है।

 

 

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