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कोरोना काल मे डीजल-पेट्रोल से शिवराज सरकार ने भरा खजाना

विकास के नाम पर की 11 हजार करोड़ रुपये की कमाई

भोपाल। मध्य प्रदेश में कोरोना की पहली लहर मार्च, 2020 के पूर्व आ गई थी। जबकि दूसरी लहर भी मार्च, 2021 के दूसरे सप्ताह में आ गई थी। इस दौरान लगभग तीन महीने सब कुछ ठप्प था। लेकिन, एमपी में सरकार की कमाई बंद नहीं हुई। सरकार ने इस दौरान 11 हजार करोड़ से अधिक रुपए की कमाई की। यह जानकारी विधानसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में मंगलवार को वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने दी है। उनसे शराब से हुई आय को लेकर भी जवाब पूछा गया था।

शराब में चार गुना कमाया मुनाफा
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में बताया कि 2020-2021 वित्त वर्ष में सरकार को पेट्रोल पर 5217 करोड़ 79 लाख रुपए की आय हुई है। इसी तरह डीजल में 6690 करोड़, 50 लाख रुपए वैट टैक्स के रुप में मिले। इस वित्त वर्ष में जून महीने तक पेट्रोल में 1033 करोड़, 76 लाख रुपए वैट मिला। जबकि डीजल में 1395 करोड़, 46 लाख रुपए डीजल में वैट से आय हुई। सरकार ने बताया कि शराब में लगे वैट से 2020-2021 में 1183 करोड़, 58 लाख रुपए बिक्री से आय हुई है। जून, 2021 तक शराब बिक्री से आय सरकार की 151 करोड़, 68 लाख रुपए हुई है। इसके अलावा शराब में लगे वैट से 19 जुलाई, 21 तक सरकार को 9520 करोड़, 96 लाख रुपए वैट टैक्स के रुप में मिले। इस साल जून, 21 शराब बिक्री से आय 2684 करोड़ 08 लाख रुपए हुई है ।

वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने सदन को बताया कि प्रदेश में पेट्रोल में 33 फीसदी वैट लिया जाता है । इसके अलावा साढ़े चार रुपए का अतिरिक्त सेस भी लिया जाता है। बिक्री पर एक फीसदी सेस का भी प्रावधान है। इसी तरह डीजल पर 23 फीसदी वैट सरकार वसूलती है। प्रति लीटर पर तीन रुपए अतिरिक्त कर लेने के अलावा टर्न ओवर पर एक फीसदी का सेस भी लगाया जाता है। शराब निर्माण और आयात पर 10 फीसदी वैट का प्रावधान है। शराब रेस्टोरेंट/बार में परोसने में यह 18 फीसदी वेट वसूला जाता है। रसोई गैस पर सरकार ढ़ाई तो केंद्र ढ़ाई फीसदी वेट लेता है। सरकार ने महंगाई के इस सवाल पर कहा है। कि यह प्रदेश के विकास के लिए लिया जाता है। सदन में यह सवाल विधायक मेवाराम जाटव पूछा था।

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