मध्य प्रदेश

राष्ट्रीय खेल दिवस कार्यक्रम के द्वितीय दिवस पर खेल विषयों पर आयोजित हुआ सेमिनार

राष्ट्रीय खेल दिवस कार्यक्रम के द्वितीय दिवस पर खेल विषयों पर आयोजित हुआ सेमिनार

खेल भावना मैदान के साथ जीवन में भी जरूरी : मंत्री विश्वास कैलाश सारंग

पूर्व क्रिकेटर मदनलाल ने खिलाड़ियों को दिए टिप्स, कहा– टाइम मैनेजमेंट और एटिट्यूड से ही तय होगा करियर

स्पोर्ट्स इंजरी, मनोविज्ञान और एंटी-डोपिंग जागरूकता पर विशेषज्ञों ने दिए उद्बोधन

भोपाल

सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि क्रिकेट निस्संदेह देश का सबसे लोकप्रिय खेल है, लेकिन खेलों का आकर्षण केवल ग्लैमर से नहीं, बल्कि जीत से आता है। यह बात उन्होंने शनिवार को तीन दिवसीय राष्ट्रीय खेल दिवस कार्यक्रम के अंतर्गत दूसरे दिन आयोजित खेल विषयक सेमिनार को संबोधित करते हुए कही।

मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान से खेल दिवस का महत्व और बढ़ गया है। तीन दिवसीय राष्ट्रीय खेल दिवस गतिविधियों का उद्देश्य देश में खेलों को सकारात्मक सोच और फिटनेस की ओर ले जाना है। उन्होंने कहा कि बिना फिटनेस कोई भी व्यक्ति सफल नहीं हो सकता। “देश की 140 करोड़ जनता भारत की आत्मा है और जब तक देश स्वस्थ नहीं होगा, उसकी आत्मा भी स्वस्थ नहीं रह सकती।”

उन्होंने यह भी कहा कि पहले अभिभावक मानते थे कि खेलों में बच्चों का भविष्य उज्ज्वल नहीं हो सकता, लेकिन प्रधानमंत्री जी की पहल ने यह सोच बदल दी है। आज खिलाड़ी मैदान के साथ-साथ जीवन के अन्य क्षेत्रों में भी सफलता प्राप्त कर रहे हैं। मंत्री सारंग ने पूर्व क्रिकेटर मदनलाल शर्मा का उदाहरण देते हुए कहा कि वे कभी ग्लैमर के पीछे नहीं भागे और सादगी के साथ जीवन जीते हुए सफलता हासिल की।

टाइम मैनेजमेंट और एटिट्यूड से तय होगा करियर

सेमिनार में पूर्व क्रिकेटर मदनलाल शर्मा ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता के लिए समय प्रबंधन और सकारात्मक दृष्टिकोण सबसे अहम है। उन्होंने कहा कि समय बर्बाद न करें। उन्होंने ‘खेलो इंडिया’ अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह पहल खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने और नए अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण है।

नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) के डोप कंट्रोल ऑफिसर शशिकांत भारद्वाज ने कहा कि यदि किसी खिलाड़ी को बड़ा बनना है तो उसे डोप टेस्ट से घबराना नहीं चाहिए, बल्कि हमेशा तैयार रहना चाहिए। उन्होंने खिलाड़ियों को डोप एजुकेशन, टेस्टिंग प्रक्रिया, उल्लंघन और चिकित्सीय उपयोग छूट की जानकारी दी।

हाइपरफॉर्मेंस स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट डॉ. संजना किरन ने कहा कि खिलाड़ी यह सोचें कि वे क्या बेहतर कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अवसर और सुविधाओं का आभार व्यक्त करें और उनका पूरा लाभ उठाएं।

स्पोर्ट्स इंजरी विशेषज्ञ डॉ. मनोज नागर ने खेल गतिविधियों के दौरान होने वाली चोटों, उनके उपचार और बचाव के उपायों पर जानकारी दी। उन्होंने वार्मअप, स्ट्रेचिंग और उचित आहार के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि चोट लगने पर उसे नजरअंदाज न करें और तुरंत विशेषज्ञ की सलाह लें।

कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के निदेशक राकेश गुप्ता, स्पोर्ट्स अथोरिटी ऑफ इंडिया सीआरसी भोपाल के रिजनल डायरेक्टर अभिषेक चौहान सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

 

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