रायपुर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी ऊर्जा नीति के तहत प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना देशभर में लोगों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है। इस योजना का लाभ लेकर राजनांदगांव के अनुपम नगर निवासी श्री रमेश एम. चावडा ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि 1.90 लाख रुपए की लागत वाले इस प्लांट के लिए केंद्र सरकार से 78 हजार रुपए की सब्सिडी मिली, जिससे उनके लिए यह प्लांट लगाना आसान हो गया।
श्री चावडा बताते हैं कि रूफटॉप सोलर प्लांट के चलते उनके बिजली बिल में भारी कमी आई है। इतना ही नहीं, नेट मीटरिंग प्रणाली के तहत अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर आय अर्जित करने का अवसर भी मिला। यानी, जितनी बिजली उनके घर में खपत होती है, उससे अधिक बिजली उत्पादन होने पर वह अतिरिक्त बिजली सरकार को बेच सकते हैं, जिससे न केवल उनका बिजली बिल शून्य हो गया बल्कि कुछ अतिरिक्त आय भी हो रही है।
श्री चावडा ने प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना न केवल बिजली बिल बचाने में मददगार है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रही है। इससे कोयला और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम हो रही है, और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा मिल रहा है।
इस योजना के तहत सरकार 30 हजार से 78 हजार रुपए तक की सब्सिडी प्रदान कर रही है। 3 किलोवाट से अधिक क्षमता वाले प्लांट पर अधिकतम 78 हजार रुपए तक का अनुदान मिलता है। इसके अलावा, यदि उपभोक्ता को बाकी राशि के लिए आर्थिक सहायता की जरूरत हो, तो सरकार 7 प्रतिशत ब्याज दर पर बैंक ऋण की सुविधा भी प्रदान कर रही है।
योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को
PMSuryaGhar.gov.in
वेबसाइट या PMSuryaGhar मोबाइल ऐप पर पंजीकरण करना होगा। इसके बाद, वेब पोर्टल पर सूचीबद्ध अधिकृत वेंडर का चुनाव कर, बिजली विभाग के सहयोग से आवेदन पूरा किया जाता है। वेंडर द्वारा प्लांट लगाने और डिस्कॉम द्वारा नेट मीटर स्थापित करने के बाद, सरकार की ओर से सब्सिडी सीधे उपभोक्ता के खाते में जमा कर दी जाती है।
प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना के तहत छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में लाखों परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। यह योजना न केवल घर-घर मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त कर रही है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी साकार कर रही है।
श्री चावडा का कहना है कि सभी नागरिकों को इस योजना का लाभ उठाकर अपने घरों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाना चाहिए। इससे बिजली पर खर्च कम होगा, पर्यावरण सुरक्षित रहेगा और देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
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