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फिक्सड डिपॉजिट को निवेश का सुरक्षित और मजबूत रिटर्न देने वाला विकल्प माना जाता है, अब रिजर्व बैंक का बड़ा फैसला

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नई दिल्ली
फिक्सड डिपॉजिट को निवेश का सुरक्षित और मजबूत रिटर्न देने वाला विकल्प माना जाता है। अब भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने फिक्सड डिपॉजिट को लेकर एक अहम फैसला लिया है। दरअसल, बैंक ने बल्क फिक्सड डिपॉजिट की लिमिट मौजूदा 2 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 3 करोड़ रुपये कर दिया है। आपको बता दें कि बल्क फिक्सड डिपॉजिट पर रिटेल डिपॉजिट की तुलना में थोड़ा अधिक ब्याज मिलता है। एकमुश्त पैसे जमा करने की प्रक्रिया को बल्क डिपॉजिट की कैटेगरी में रखा जाता है। बैंकों के पास अपनी जरूरतों और परिसंपत्ति उत्तरदायित्व प्रबंधन (एएलएम) अनुमानों के अनुसार बल्क डिपॉजिट पर अलग-अलग ब्याज दर देने का अधिकार है।

क्या कहा आरबीआई गवर्नर ने
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि कॉमर्शियल बैंकों और स्मॉल फाइनेंस बैंक के लिए 3 करोड़ रुपये और उससे अधिक की रकम को बल्क फिक्सड डिपॉजिट के रूप में परिभाषित किया गया है। इसके अलावा, स्थानीय क्षेत्र बैंकों के लिए थोक जमा सीमा को एक करोड़ रुपये और उससे अधिक के रूप में परिभाषित करने का भी प्रस्ताव है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट
BankBazaar.com के सीईओ आदिल शेट्टी ने बिजनेस टुडे से कहा- 3 करोड़ रुपये और उससे अधिक की रकम को बल्क डिपॉजिट के रूप में रखने का प्रस्ताव थोक जमा को चुनौतीपूर्ण बना देगा। हालांकि, छोटे जमाकर्ताओं पर प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है।

निर्यात-आयात पर भी फैसला
कारोबार को सुगम बनाने के लिए आरबीआई ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) 1999 के तहत वस्तुओं व सेवाओं के निर्यात और आयात के लिए दिशानिर्देशों को युक्तिसंगत बनाने का प्रस्ताव भी किया है। आरबीआई गवर्नर के मुताबिक इससे कारोबार सुगमता को बढ़ावा मिलेगा।

डिजिटल पेमेंट पर फैसला
डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के संबंध में शक्तिकांत दास ने कहा कि इस माहौल में नेटवर्क स्तर की खुफिया जानकारी और तत्काल आधार पर आंकड़ों को साझा करने के लिए एक डिजिटल भुगतान आसूचना मंच स्थापित करने का प्रस्ताव है।

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