All Type Of Newsमध्य प्रदेशराज्यसियासत

विश्वास ने नेहरू पर साधा निशाना तो कांग्रेस ने अटल को बनाया ढ़ाल 

कहा किसी के निजी जीवन को न बनाएं राजनीतिक निंदा अभियान का हिस्सा 
भोपाल। देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं.जवाहरलाल नेहरू पर जब, प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने निशाना साधा तो कांग्रेस प्रधानमंत्री रहे पं. अटल बिहारी वाजपेयी को ढ़ाल बनाकर मैदान में कूद पड़ी। प्रतिद्वंदियों को मात देने की चाह में राजनैतिक  बयानबाजी का यह स्तर बुधवार को सामने आया। जब भाजपा नेता व शिवराज ङ्क्षसह चौहान मंत्रिमंडल में शामिल विश्वास सारंग ने यह कहते हुए कांग्रेस से जबाव मांगते हुए कहा कि नेहरू परिवार ने देश को लूटा है।
इतना ही नहीं इस बीच उन्होंने ट्विट के माध्यम से यह आरोप भी लगाया कि जब नेहरू जी भोपाल आये थे, उस समय के राज्य भवन के दस्तावेज बता रहे हैं कि नेहरू जी की सिगरेट लेने प्लेन इंदौर गया था। इसका जबाव कांग्रेस को देना ही चाहिये। इतना ही नहीं उन्होंने राजभवन की बेवसाइट में एच विनायक पाटस्कर के लेख का हवाले से लिखे दस्तावेज की क्लिप भी साझा की है। जिसमें सिगरेट नंबर 555 का उल्लेख है। इसमें राजभवन के कर्मचारियों के हवाले से यह भी लिखा है कि यह सिगरेट राजभवन में उपलब्ध नही थी। इसको राजनीतिक निंदा अभियान का हिस्सा बताते हुए कांग्रेस ने इसके जबाव में दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को ढ़ाल बनाकर कहा कि प्रोटोकॉल के अनुसार कौन प्रधानमंत्री क्या खाता है क्या पहनता है क्या पीता है इसकी जानकारी क्या डी-क्लासिफाइड की जाती है? मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने पूछा कि क्या अब यह भी सार्वजनिक होना चाहिए कि निजी जीवन में अटल जी क्या खाते थे क्या पीते थे किसके साथ रहते थे। क्या यह सरकारी डाक्यूमेंटेशन का हिस्सा हो सकता है? अगर नहीं तो ऐसे दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार पर सरकार को अपना पक्ष रखना चाहिए।
दोषी तो अफसर है 
सारंग के आरोपों पर आश्चर्य जताते हुए मीडिया विभाग के महासचिव केके मिश्रा ने कहा कि क्या ऐसा करने के लिये नेहरू ने कहा होगा। इसके दोषी तो चापलूस अफसर होंगे। नेहरू तो बहुत बड़े व्यक्ति और पीएम थे। उन्होंने सवाल किया कि  जब सीएम को एक मच्छर काटने पर यंत्री के निलंबन पर भी बोलिये विश्वास जी!
जब आश्चर्य जताया तब मिला जबाव 
दरअसल सारंग ने नेहरू को लेकर ट्विटर पर यह टिप्पणी मंगलवार को थी। बावजूद इसके कांग्रेस नेताओं ने इसे संज्ञान नही लिया और न ही जबाव देने की जरूरत समझी। इस पर बुधवार को उन्होंने रिट्विट करते हुए इस पर आश्चर्य भी जताया था।

admin
the authoradmin