हिंदू शास्त्रों के अनुसार तुलसी के पौधे को घर में रखना काफी शुभ माना गया है। कहते हैं कि घर-परिवार में कोई भी मुसीबत आने से पहले उस का असर तुलसी के पौधे पर पड़ता है। तुलसी का पौधा इस बात का आभास पहले से देता है कि आपके घर में कोई विपत्ति आने वाली है या आपके घर के किसी भी सदस्य को मुसीबत का सामना करना पड़ सकता है। पुराणों और शास्त्रों के अनुसार माना जाए तो ऐसा इसलिए होता है कि जिस घर पर मुसीबत आने वाली होती है, उस घर से सबसे पहले लक्ष्मी यानी तुलसी चली जाती है। दरिद्रता, अशांति और क्लेश के बीच लक्ष्मी जी का निवास नहीं होता। ज्योतिष शास्त्र में इसकी मुख्य वजह बुध को माना जाता है।
हिंदू धर्म में तुलसी एक ऐसा पौधा है, जिसे पवित्र माना जाता है। भारत के लगभग हर घर में यह पौधा होता है। अमीर हो या फिर गरीब, हर आदमी इसे अपने घर में लगाता है क्योंकि इसे शुभ भी माना जाता है। शास्त्रों के साथ ही इसे घर में रखने के कुछ वैज्ञानिक कारण भी बता दें कि तुलसी स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत लाभकारी है। वहीं अगर आपको अपनी किस्मत को चमकाना है तो भी तुलसी का पौधा बहुत लाभकारी है, जो हर मनोकामना पूरी कर सकता है।
अपनी मनोकामना को पूरा करने के लिए तुलसी के सिर्फ 4 पत्तों की आवश्यकता होती है। सुबह के समय तुलसी के 4 पत्ते तोड़ लें और फिर पीतल के बर्तन में पानी डालकर भिगो दें। 24 घंटे तक पानी में भिगोने के बाद उस पानी के छींटे पूरे घर में छिड़क दें। ध्यान रखें कि घर के मुख्य द्वार पर जरूर छिड़कें क्योंकि कहते हैं कि नकारात्मकता मुख्य दरवाजे से ही प्रवेश करती है। इतने से ही आपको शुभ फल की प्राप्ति हो सकती है।
वास्तु दोष को दूर करने के लिए तुलसी के पौधे अग्निकोण अर्थात दक्षिण-पूर्व से लेकर वायव्य उत्तर-पश्चिम तक के खाली स्थान में लगा सकते हैं। यदि खाली जमीन न हो तो गमलों में भी तुलसी को स्थान देकर सम्मानित किया जा सकता है।
तुलसी का गमला रसोई के पास रखने से पारिवारिक कलह समाप्त होती है। पूर्व दिशा की खिड़की के पास रखने से पुत्र यदि जिद्दी हो तो उसका हठ दूर हो जाता है। यदि घर की कोई संतान अपनी मर्यादा से बाहर है अर्थात नियंत्रण में नहीं है तो पूर्व दिशा में रखे तुलसी के पौधे में से तीन पत्ते किसी न किसी रूप में संतान को खिलाने से संतान आज्ञानुसार व्यवहार करने लगती है।
कन्या के विवाह में विलम्ब हो रहा हो तो अग्निकोण में तुलसी के पौधे को कन्या नित्य जल अर्पण कर एक प्रदक्षिणा करने से विवाह जल्दी और अनुकूल स्थान में होता है। सारी बाधाएं दूर होती हैं।
यदि कारोबार ठीक नहीं चल रहा हो तो दक्षिण-पश्चिम में रखे तुलसी के गमले पर प्रति शुक्रवार को सुबह कच्चा दूध अर्पण करें और मिठाई का भोग रखकर किसी सुहागिन स्त्री को मीठी वस्तु देने से व्यवसाय में सफलता मिलती है।
नौकरी में यदि उच्चाधिकारी की वजह से परेशानी हो तो आफिस में खाली जमीन या किसी गमले आदि जहां पर भी मिट्टी हो वहां सोमवार को तुलसी के सोलह बीज किसी सफेद कपड़े में बांध कर सुबह दबा दें। सम्मान की वृद्धि होगी। नित्य पंचामृत बना कर यदि घर की महिला शालीग्राम जी का अभिषेक करती है तो घर में वास्तु दोष हो ही नहीं सकता।
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