शिविर में आए आवेदनों में अररिया, खगड़िया, सुपौल हैं अग्रणी
जमाबंदी पंजी के वितरण में वैशाली, अरवल और कैमूर अग्रणी जिलों में शामिल
पटना,
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की तरफ से चलाए जा रहे राजस्व महा–अभियान (16 अगस्त से 20 सितम्बर 2025) के तहत राज्य के ग्रामीण परिवारों को जमाबंदी पंजी की प्रति उपलब्ध कराने तथा पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर आवेदन लेने का कार्य सभी जिले में तीव्र गति से चल रहा है। 19 अगस्त से 24 अगस्त की अवधि में सभी 38 जिलों में 1584 शिविर लगाए गए। शिविर में कुल 50 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें जमाबंदी में सुधार के आवेदनों की संख्या सर्वाधिक 38340 है। ऑफलाइन जमाबंदी को ऑनलाइन करने के आवेदनों की संख्या 7246, उत्तराधिकार नामांतरण के आवेदनों की संख्या 1465 एवं बंटवारा नामांतरण के आवेदनों की संख्या 1368 है। पिछले छह दिन में सर्वाधिक आवेदन अररिया में आए हैं। यहां आवेदनों की संख्या 5654 है। दूसरे नंबर पर खगड़िया है। यहां आवेदनों की संख्या 3131 है। तीसरे नंबर पर सुपौल है। यहां आवेदनों की संख्या 2754 है। इनके अतिरिक्त अन्य जिलों में भी अच्छी संख्या में आवेदन आए हैं।
16 अगस्त से 24 अगस्त की अवधि में सभी 38 जिलों में टीमों द्वारा 35.36 प्रतिशत जमाबंदी पंजी की प्रति का सफलतापूर्वक वितरण किया गया है। राज्य में कुल जमाबंदी की संख्या 3 करोड़ 60 लाख के करीब है। इसके मुकाबले एक करोड़ 27 लाख 26 हजार से अधिक जमाबंदी की प्रति का वितरण सभी जिलों में किया गया है।
इस अवधि में कई जिलों ने वितरण में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। वैशाली (73.54%), अरवल (61.98%) और कैमूर (61.58%) जमाबंदी पंजी के वितरण के मामले में शीर्ष तीन स्थानों पर हैं। इनके अलावा गोपालगंज (61.14%), खगड़िया (60.26%), सीतामढ़ी(59.26%), जहानाबाद (57.12%), अररिया (51.50%), शेखपुरा (51.43%) तथा पूर्णिया (50.69%) ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
इसी क्रम में मधुबनी (46.45%), बक्सर (45.94%), भोजपुर (43.92%), मुजफ्फरपुर (41.76%), किशनगंज (39.81%), शिवहर (35.69%), सिवान (35.41%), दरभंगा (33.67%), मधेपुरा (32.91%) और नालंदा (32.38%) भी शीर्ष 20 जिलों में शामिल रहे हैं। पटना, बेगूसराय, गया, कटिहार, सहरसा, समस्तीपुर, सारण समेत अन्य जिलों में भी जमाबंदी की प्रति वितरण की स्थिति संतोषजनक है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने बताया कि अभियान का लक्ष्य है कि 15 सितम्बर तक राज्य के सभी पात्र परिवारों को उनसे संबंधित जमाबंदी पंजी की प्रति उपलब्ध करा दी जाए। इसके लिए अंचल के माइक्रो प्लान के हिसाब से कार्य कराया जा रहा है। इसके लिए सभी जिलों में मौजा स्तर पर निर्धारित टीम पहुंच रही है और जमाबंदी की प्रति, आवेदन प्रपत्र और पंफलेट उपलब्ध करा रही है। रैयत उपलब्ध कराई गई जमाबंदी पंजी की प्रति के हिसाब से आवेदन पंचायत में लगने वाले शिविर में जमा करेंगे। शिविर का आयोजन 20 सितंबर तक होगा। शिविर में आवेदन जमा करते मोबाइल पर ओटीपी आयेगा और आवेदन रजिस्टर्ड हो जाएगा। इसके उपरांत आवेदन पर हो रही कार्रवाई की सूचना मिलती रहेगी।
बताते चलें कि राजस्व महा–अभियान के दौरान जमाबंदी की गलतियों में सुधार, छूटी हुई जमाबंदी को ऑनलाइन करना, उत्तराधिकार नामांतरण और बंटवारा नामांतरण का कार्य किया जा रहा है।
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