समाधान नहीं हो पाया तो किसान 6 जनवरी से दो हफ्ते का देश जागृति अभियान चलाएंगे
नई दिल्ली
कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले एक महीने से अधिक समय से आंदोलन कर रहे किसानों की सरकार के साथ वार्ता बुधवार को पटरी पर तो लौटी, लेकिन अभी भी पूरा समाधान नहीं हो पाया है।किसानों की मांग है कि सरकार उनकी बात सुने और इन कृषि कानूनों को वापस लिया जाए। किसानों की मांग को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल सहित विपक्ष के कई नेताओं का भी समर्थन मिला है।
योगेंद्र यादव ने कहा है कि सरकार का 50 प्रतिशत मुद्दों को हल करने का दावा झूठा है। हमारी मुख्य मांगें- तीन कृषि कानूनों को रद्द करना और एमएसपी पर गारंटी कानून ज्यों की त्यों हैं। भारतीय किसान यूनियन के नेता युद्धवीर सिंह ने कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार किसानों को हल्के में ले रही है। कृषि कानूनों पर अगर सरकार 4 जनवरी को फैसला नहीं लेती है तो किसानों को फैसला लेना होगा।
किसान संगठनों ने कहा है कि अगर चार जनवरी को सरकार के साथ होने वाली वार्ता में गतिरोध खत्म नहीं हुआ तो हम हरियाणा में सारे मॉल, पेट्रोल पंप को बंद करने की तारीखों की घोषणा करेंगे।यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उनकी सरकार के लिए किसानों का हित सर्वोपरि है। राज्य सरकार किसानों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्पित है।
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