मध्य प्रदेश

पहले निर्माण में अनियमितता, अब मरमत के नाम पर फर्जीवाड़ा

अमझेरा
आजादी के बाद पहली बार 10  वन ग्रामों को शहर से जोड़ने के लिए  दो प्रधानमंत्री सड़कों का निर्माण किया गया था। निर्माण के  पांच वर्ष बाद अब सड़क निर्माण कंपनी द्वारा मरम्मत (पेचवर्क)कार्य किया जा रहा है। मार्ग पर आने वाली सीमेंट कांक्रीट पुलिया पर पत्थर और मुरम की भराई की जा रही है। वहीं डामर पेचवर्क कार्य में  गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग कर डामर की पतली परत चढ़ाई जो दो दिन के अंतराल में ही उखड़ गई। यह दोनों सड़क  मागोद- मनावर स्टेट हाइवे से जुड़ी है। इनका निर्माण वर्ष 2014-2016 में हुआ है,  जी आर रोड से भूरियाकुंड 10 किमी  लागत 55 .79 लाख   ओर  जी आर रोड से मुवाड 3 किमी  66 लाख लागत से निर्माण किया गया। इन दोनों सड़कों की रखरखाव पेचवर्क का जिम्मा पांच वर्ष के लिए निमार्ता कंपनी को दिया गया।  निर्माता कंपनी द्वारा पेचवर्क का कार्य इन दिनों किया जा रहा है। मार्ग पर टूटी पुलिया और उखड़ी सड़क पर कंपनी द्वारा घटिया ओर गुणवत्ताहीन समाग्री का उपयोग कर इति श्री की जा रही है। सीमेंट कांक्रीट से बनी पुलिया पर मुरम और  पत्थर का भराव किया गया। वहीं मार्ग पर गड्ढे पर डामर की पतली परत बिछाई, जो दो दिन में मिट्टी में तब्दील हो गई। ग्रामीणों में पेचवर्क निर्माण पर आक्रोश व्यक्त किया है। वहीं निर्माता कंपनी के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की है।

गुगीदेवी के जनपद सदस्य रेमसिंह गबराल भूरिया ने बताया कि मुवाड ओर गुगीदेवी दोनों गांवों में दो पहिया बाइक,   ट्रैक्टर के अलावा कोई बड़ा वाहन नहीं है। इन दोनों सड़कों से भारवाहक भी नहीं गुजरते हैं फिर भी सड़क कुछ वर्षों में उखड़ गई। दोनों सड़कों का निर्माण गुणवत्ता समाग्री से किया गया। अब इसके पेचवर्क में भी घटिया समाग्री का उपयोग किया जा रहा है। सीमेंट कांक्रीट पुलिया में मुरम, पत्थर का भराव और धूल-मिट्टी में ही डामर की परत चढ़ा दी गई। यह परत दो दिन बाद  उखड़ना शुरू हो गई। निर्माण कंपनी द्वारा दोनों प्रधानमंत्री सड़क को  भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया है। इसकी कलेक्टर और केंद्रीय मंत्री से शिकायत कर जांच की माग की जाएगी। गूंगीदेवी-भूरियाकुंड के युवा भुरू मेड़ा ने बताया कि  गांव से शहर आने के लिए पहाड़ और पथरीले रास्ते से आना पड़ता था। प्रधानमंत्री सड़क की सौगात सपने जैसी थी, मगर निर्माता कंपनी और अधिकारियों की लापरवाही से जंगलों को शहर से जोड़ने वाली दोनों सड़क पर भ्रष्टाचार किया गया है। अगर निर्माण की जांच नहीं की गई तो शीघ्र ही आंदोलन किया जाएगा। अमझेरा मेस्को डेम समीप मुवाड़ पहुंच मार्ग पर  1 किमी का अधूरा निर्माण छोड़ दिया गया है। जबसे सड़क बनी है तब से अधूरा है। इस मार्ग की राशि भी बिना निर्माण के आहरण कर ली गई है यह भी जांच का विषय है। विभाग के इंजीनियर, एसडीओ निर्माण कार्य की जांच भी करने नहीं आते। संपर्क करने पर अधिकारी भी फोन भी नहीं उठा रहे हंै।

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